रायपुर न्यूज़: छत्तीसगढ़ के सरकारी विभागों में अब करोड़ों रुपये के बकाया बिजली बिल और भुगतान में देरी का झंझट हमेशा के लिए खत्म होने जा रहा है। राज्य में सरकारी कार्यालयों के लिए बिजली व्यवस्था अब ठीक मोबाइल फोन के प्री-पेड रिचार्ज जैसी होगी। यानी दफ्तरों में लाइट और पंखे तभी चलेंगे, जब पहले से मीटर में रिचार्ज उपलब्ध होगा।
प्रदेश में 1 अगस्त से बिजली उपभोग की यह नई व्यवस्था लागू होने जा रही है। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी (CSPDCL) ने प्रदेश भर के लगभग डेढ़ लाख (1.5 लाख) सरकारी बिजली कनेक्शनों को स्मार्ट प्री-पेड मीटर प्रणाली से जोड़ने की पूरी तैयारी कर ली है।
इस नई प्रणाली के लागू होने से सरकारी दफ्तरों को अपने बजट के अनुसार पहले बिजली का रिचार्ज कराना होगा। रिचार्ज खत्म होते ही बिजली सप्लाई अपने-आप ठप हो जाएगी। इससे न केवल सरकारी विभागों में बिजली की बर्बादी रुकेगी और ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि बिजली कंपनी का बकाया राजस्व भी समय पर वसूल हो सकेगा।