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Bagless Day News: बस्ते से मिली छुट्टी तो बच्चों ने सीखी स्वच्छता और जीवन कौशल की बातें, खेल-कला में दिखी प्रतिभा

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रायपुर/सूरजपुर। बैगलेस डे के अवसर पर सूरजपुर जिले के शासकीय विद्यालयों में शनिवार को पढ़ाई से अलग रचनात्मक, खेल और व्यावहारिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य बच्चों को बस्ते के बोझ से मुक्त रखते हुए आनंदमय शिक्षा के साथ व्यावहारिक जीवन कौशल सिखाना रहा। जनप्रतिनिधियों, पालकों और स्थानीय समुदाय की सहभागिता से विद्यार्थियों ने विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।

स्वच्छता के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश

बैगलेस डे पर स्कूल परिसरों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। विद्यार्थियों ने गाजर घास हटाने, परिसर और शौचालयों की सफाई, पाउच-पन्नी के सुरक्षित निस्तारण और पेयजल स्रोतों की स्वच्छता जैसी गतिविधियों में भाग लिया। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को स्वच्छता, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के महत्व की जानकारी दी गई।

पेपर क्राफ्ट और बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट में दिखाई रचनात्मकता

बच्चों की कल्पनाशीलता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न रचनात्मक गतिविधियां आयोजित की गईं। ‘पेड़ बोल सकते तो क्या कहते’ विषय पर विद्यार्थियों ने कल्पनात्मक निबंध लिखे। पेपर क्राफ्ट के जरिए बच्चों ने कागज मोड़कर और काटकर नाव, हवाई जहाज, तितली और मेंढक जैसी आकृतियां तैयार कीं।

वहीं ‘बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट’ और ‘कबाड़ से जुगाड़’ गतिविधियों में अनुपयोगी सामग्री से उपयोगी और आकर्षक वस्तुएं तैयार की गईं। इससे बच्चों को रचनात्मक सोच के साथ संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल का संदेश मिला।

न्योता भोजन में बच्चों ने लिया हिस्सा

बैगलेस डे के अवसर पर विद्यालयों में समुदाय आधारित न्योता भोजन भी कराया गया। माध्यमिक शाला कन्या रामानुजनगर में स्थानीय व्यवसायी श्रवण कुमार गुप्ता ने अपने जन्मदिन के अवसर पर संकुल समन्वयक जयप्रकाश बरेठा के साथ बच्चों को भोजन कराया। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

भैयाथान विकासखंड के प्राथमिक शाला शिवप्रसाद नगर में भी समुदाय के सहयोग से बच्चों को कॉपियां वितरित की गईं और विद्यालय परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया गया।

खेल और गतिविधियों से बढ़ा आत्मविश्वास

बैगलेस डे का उद्देश्य केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा। खेल, चर्चा, कला और समूह आधारित गतिविधियों के जरिए बच्चों में नेतृत्व क्षमता, सहयोग, निर्देशन, मौलिक सोच और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने पर जोर दिया गया।

कलेक्टर रेना जमील और जिला पंचायत सीईओ के मार्गदर्शन तथा जिला शिक्षा अधिकारी के नेतृत्व में आयोजित इन गतिविधियों की निगरानी एडी शिक्षा, एडीपीओ समग्र, विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, बीआरसीसी, संकुल प्राचार्यों और संकुल समन्वयकों ने की। अधिकारियों ने विद्यालयों का दौरा कर गतिविधियों का जायजा लिया और बच्चों व शिक्षकों को आवश्यक मार्गदर्शन दिया।

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