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Dharamjaigarh News: जमीन फर्जीवाड़े में फरार तत्कालीन पटवारी गिरफ्तार, लैपटॉप और प्रिंटर जब्त

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धरमजयगढ़। रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ क्षेत्र में जमीन से जुड़े फर्जीवाड़े के मामलों में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। कापू पुलिस ने दो अलग-अलग गंभीर मामलों में फरार चल रहे तत्कालीन पटवारी राकेश साय को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लैपटॉप और प्रिंटर भी जब्त किया है। इन उपकरणों का इस्तेमाल कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार करने में किए जाने की आशंका है। पुलिस अब जब्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की तकनीकी जांच कर मामले से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों को खंगाल रही है।

जमीन दस्तावेजों में फर्जीवाड़े का आरोप

पुलिस के अनुसार, धरमजयगढ़ क्षेत्र में जमीन से संबंधित दस्तावेजों में कथित हेरफेर और फर्जीवाड़े के दो मामले सामने आए थे। जांच के दौरान तत्कालीन पटवारी राकेश साय की भूमिका सामने आने के बाद पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि फर्जी दस्तावेज किस तरह तैयार किए गए और इस पूरे मामले में आरोपी के साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। पुलिस दस्तावेजों की जांच के साथ-साथ संबंधित जमीनों के रिकॉर्ड और लेनदेन से जुड़े तथ्यों को भी खंगाल रही है।

लैपटॉप-प्रिंटर से खुल सकते हैं कई राज

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने राकेश साय के कब्जे से एक लैपटॉप और प्रिंटर जब्त किया है। पुलिस को आशंका है कि इन उपकरणों का इस्तेमाल जमीन से संबंधित फर्जी दस्तावेज तैयार करने या उनमें बदलाव करने के लिए किया गया हो सकता है। अब तकनीकी टीम जब्त उपकरणों की जांच करेगी।

लैपटॉप में मौजूद फाइलों, दस्तावेजों और अन्य डिजिटल सामग्री की जांच से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि कथित फर्जी दस्तावेज कब और किस तरह तैयार किए गए। साथ ही पुलिस यह भी जांच करेगी कि इन दस्तावेजों को तैयार करने या इस्तेमाल करने में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।

दो मामलों में फरार था आरोपी

तत्कालीन पटवारी राकेश साय के खिलाफ जमीन फर्जीवाड़े से जुड़े दो मामलों में कार्रवाई की जा रही है। दोनों मामलों की जांच के दौरान आरोपी के फरार होने के कारण पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। गिरफ्तारी के बाद अब उससे पूछताछ कर मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है।

पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जमीन फर्जीवाड़े से जुड़े दस्तावेजों और रिकॉर्ड की भी बारीकी से जांच की जा रही है।

फर्जीवाड़े के नेटवर्क की भी होगी जांच

पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किन जमीनों के संबंध में किया गया और इससे किसे लाभ पहुंचाया जाना था। साथ ही दस्तावेज तैयार करने, सत्यापन कराने या उन्हें संबंधित कार्यालयों में प्रस्तुत करने में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता थी या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।

तत्कालीन पटवारी की गिरफ्तारी और लैपटॉप-प्रिंटर की जब्ती को जमीन फर्जीवाड़े की जांच में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। तकनीकी जांच पूरी होने के बाद मामले में और भी तथ्य सामने आने की उम्मीद है।

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