रायपुर/दंतेवाड़ा, 20 जुलाई 2026: छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने दंतेवाड़ा जिले की प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समिति 'गीदम' को तेंदूपत्ता विक्रय में मिली ऐतिहासिक और अभूतपूर्व सफलता पर गहरी प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने इस रिकॉर्ड बिक्री को वनाश्रित और आदिवासी परिवारों की आर्थिक सशक्तता की दिशा में एक बहुत बड़ी उपलब्धि बताया है। गीदम समिति ने इस बार जो व्यापारिक सफलता हासिल की है, उसने पिछले सभी रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ दिया है।
मंत्री केदार कश्यप ने आधिकारिक जानकारी साझा करते हुए बताया कि राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा आयोजित ऑनलाइन निविदा (e-tender) में गीदम समिति का तेंदूपत्ता 10,609 रुपये और 10,909 रुपये प्रति मानक बोरा की रिकॉर्ड दर पर बिका है। यह समिति के पिछले 38 वर्षों के गौरवशाली इतिहास में मिलने वाली अब तक की सर्वाधिक कीमत है। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक उपलब्धि इस बात का सीधा प्रमाण है कि राज्य सरकार की पारदर्शी व्यवस्था और लघु वनोपज की गुणवत्तापूर्ण कार्यप्रणाली का सीधा लाभ जमीन से जुड़े संग्रहकों तक पहुंच रहा है।
इस रिकॉर्ड तोड़ बिक्री का सबसे बड़ा फायदा स्थानीय ग्रामीणों को होगा। मंत्री कश्यप ने बताया कि इस ऊंची दर से प्राप्त अतिरिक्त लाभ (प्रॉफिट) को बोनस के रूप में समिति से जुड़े लगभग 4,000 तेंदूपत्ता संग्रहक परिवारों के बीच वितरित किया जाएगा। इससे वनाश्रित परिवारों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और डीबीटी (Direct Benefit Transfer) से जोड़ दिया है, जिससे बोनस और छात्रवृत्ति की राशि बिना किसी बिचौलिए के सीधे आदिवासियों के बैंक खातों में पहुंच रही है। इस शानदार सफलता के लिए उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों, समिति पदाधिकारियों और फड़ मुंशियों को बधाई दी है।