बिलासपुर। छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के रेल यात्रियों के लिए रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। बिलासपुर-कटनी रेल मार्ग पर ट्रेनों की संचालन क्षमता बढ़ाने के लिए दो मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इससे व्यस्त रेलखंड पर यात्री और मालगाड़ियों के संचालन को अधिक सुगम बनाने में मदद मिलेगी।
इन परियोजनाओं में कटनी-पेंड्रारोड चौथी रेल लाइन और बिलासपुर (उसलापुर)-पेंड्रारोड तीसरी रेल लाइन शामिल हैं। दोनों परियोजनाओं के पूरा होने के बाद इस मार्ग पर अतिरिक्त ट्रैक उपलब्ध होंगे, जिससे मौजूदा रेल नेटवर्क पर ट्रेनों के दबाव को कम करने में सहायता मिलेगी।
बिलासपुर से कटनी की ओर जाने वाला यह रेल मार्ग उत्तर भारत से जुड़ने वाले महत्वपूर्ण रेल कॉरिडोर का हिस्सा है। मल्टीट्रैकिंग से ट्रेनों के संचालन में बेहतर समन्वय संभव होगा और यात्री एवं माल परिवहन की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
नई रेल पटरियों के निर्माण से भविष्य में बढ़ते यातायात को देखते हुए रेल नेटवर्क की क्षमता को मजबूत किया जा सकेगा। इसका लाभ छत्तीसगढ़ के साथ-साथ मध्य प्रदेश के यात्रियों और व्यापारिक गतिविधियों को भी मिलने की उम्मीद है।