रायपुर। राजधानी के कचना स्थित अमलतास परिसर में बने 1008 मुनि सुब्रतनाथ दिगंबर जैन मंदिर में अष्टान्हीका पर्व के अवसर पर 21 से 29 जुलाई तक आयोजित होने वाले आठ दिवसीय सिद्ध चक्र महामंडल विधान का भव्य शुभारंभ हुआ। आयोजन में बड़ी संख्या में जैन समाज के श्रद्धालु शामिल हुए और भक्तिमय वातावरण में आराधना की।
घट यात्रा और ध्वजारोहण से हुई शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 7 बजे बैंड-बाजे और भक्ति के माहौल के बीच निकाली गई भव्य घट यात्रा से हुई। इसके बाद मंगल वाद्य के साथ ध्वजारोहण किया गया। ध्वजारोहण का पुण्य लाभ कुलदीप-पल्लवी सिंघई परिवार को प्राप्त हुआ।
मोक्ष और आत्मकल्याण की आराधना का पर्व
सुरेश मोदी ने बताया कि सिद्ध चक्र महामंडल विधान जैन धर्म का अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी अनुष्ठान है। इसमें सिद्ध परमेष्ठी के अष्ट गुणों की आराधना कर कर्मों के क्षय, आध्यात्मिक शांति और मोक्ष की कामना की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार चारों निकाय के देव भी नंदीश्वर द्वीप पर इस विधान की आराधना करते हैं।
प्रतिदिन होंगे विशेष पूजन और विधान
मंदिर समिति के अध्यक्ष हिमांशु जैन ने बताया कि आठ दिवसीय आयोजन के दौरान प्रतिदिन जलाभिषेक, शांतिधारा, नित्य पूजन के बाद विधि-विधान के अनुसार सिद्ध चक्र महामंडल विधान संपन्न कराया जाएगा। आयोजन में अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से शामिल होकर धर्म लाभ अर्जित करने की अपील की गई है।