खैरागढ़। छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ की कला को राज्य स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) की कक्षा 8वीं की सहायक वाचन पुस्तक में युवा कलाकार दंपति धरम नेताम और मनीषा नेताम की बनाई गई शैल-कलाकृतियों को शामिल किया गया है।
नई पुस्तक के माध्यम से अब प्रदेशभर के लाखों विद्यार्थी इन कलाकृतियों के जरिए इतिहास, विज्ञान और कला के अनूठे समन्वय को समझ सकेंगे। यह उपलब्धि न केवल दोनों कलाकारों के लिए, बल्कि पूरे खैरागढ़ और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत के लिए गौरव का विषय मानी जा रही है।
धरम और मनीषा नेताम लंबे समय से शैल कला के संरक्षण और प्रचार-प्रसार के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। उनकी कलाकृतियां पारंपरिक कला को आधुनिक प्रस्तुति के साथ सामने लाती हैं, जिससे नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक धरोहर से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
शिक्षा और कला जगत से जुड़े लोगों ने SCERT के इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि स्थानीय कलाकारों की रचनाओं को पाठ्यक्रम में शामिल करने से विद्यार्थियों में कला, संस्कृति और इतिहास के प्रति रुचि बढ़ेगी।