रायपुर। सरगुजा जिले के शिवपुर स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय की छात्राओं के अपनी समस्याओं को लेकर पैदल कलेक्टोरेट की ओर निकलने की घटना को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गंभीरता से लिया है। छात्राएं विद्यालय की बिजली, मेस, शिक्षकों की कमी और पढ़ाई से जुड़ी समस्याओं को लेकर जिला प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाने निकली थीं। रिपोर्टों के अनुसार, छात्राओं ने करीब 20 से 30 किलोमीटर तक पैदल सफर किया।
घटना की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत से फोन पर चर्चा कर पूरे मामले की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने इस बात पर नाराजगी जताई कि यदि विद्यालय में लंबे समय से बुनियादी समस्याएं बनी हुई थीं, तो उनका समय रहते समाधान क्यों नहीं किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्राओं को अपनी मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए विद्यालय से पैदल कलेक्टोरेट तक जाने की स्थिति बनना गंभीर मामला है।
बिजली, मेस और शिक्षकों की समस्याओं का तत्काल समाधान
मुख्यमंत्री ने छात्राओं द्वारा बताई गई बिजली, मेस, शिक्षकों की कमी, नियमित पढ़ाई और साफ-सफाई से संबंधित समस्याओं का तत्काल निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही विद्यालय की व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा और अधिकारियों द्वारा लगातार निरीक्षण करने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री ने पूरे प्रकरण की जांच कर जिम्मेदारी तय करने के निर्देश भी दिए हैं। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि आदिवासी अंचलों के आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों में बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जा सकता।
छात्राओं की समस्याएं स्कूल स्तर पर ही सुनी जाएं
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि छात्राओं से लगातार संवाद बनाए रखा जाए और उनकी समस्याओं की जानकारी विद्यालय एवं छात्रावास स्तर पर ही लेकर समयबद्ध समाधान किया जाए। उनका कहना है कि बच्चों को अपनी शिकायतों के लिए प्रशासन तक पैदल पहुंचने जैसी स्थिति दोबारा नहीं बननी चाहिए।
राज्य में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के संचालन और प्रवेश से जुड़ी व्यवस्थाओं के लिए आधिकारिक पोर्टल पर भी विभिन्न दिशा-निर्देश और सूचनाएं उपलब्ध