अंबिकापुर, 14 अगस्त 2026 : सरगुजा संभाग के मुख्यालय अंबिकापुर के साइबर थाने में दर्ज एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड केस की विवेचना के दौरान 1 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने के आरोपों ने प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। मामले की जांच कर रहे प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी राहुल बंसल पर शिकायतकर्ता द्वारा एक करोड़ रुपये रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगाया गया है। मामला सीबीआई और न्यायालय तक पहुंचने के बाद अब सरगुजा रेंज के आईजी दीपक झा ने पुलिस का पक्ष स्पष्ट किया है।
आईजी दीपक झा के अनुसार, अब तक की विभागीय और तकनीकी जांच में प्रशिक्षु आईपीएस राहुल बंसल के खिलाफ रिश्वत मांगने या किसी भी प्रकार की प्रत्यक्ष संलिप्तता का कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है। हालांकि, मामले से जुड़े वायरल ऑडियो, वीडियो और संबंधित पुलिसकर्मियों के मोबाइल नंबरों की गहन तकनीकी जांच अभी जारी है। पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से साइबर थाने में पदस्थ एएसआई प्रवीण कुमार राठौर और आरक्षक अंशुल शर्मा को तत्काल प्रभाव से पुलिस लाइन अटैच कर दिया गया है ताकि विवेचना प्रभावित न हो।
उल्लेखनीय है कि इस बड़े साइबर ठगी के मामले में पुलिस अब तक देश के अलग-अलग राज्यों से 23 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। आईजी ने स्पष्ट किया कि मामले की निष्पक्ष जांच जारी है और जो भी तथ्य या साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन पूरे मामले में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।