रायपुर के ITM विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए राज्यपाल रमेन डेका ने युवाओं को आत्मनिर्भरता का पाठ पढ़ाया। उन्होंने छात्र-छात्राओं से आह्वान किया कि वे अपने नए विचारों (आइडिया) को स्टार्टअप में बदलें, नवाचार को अपनाएं और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ें। राज्यपाल ने कहा कि युवाओं के विचार देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकते हैं और स्टार्टअप की संभावनाएं अब बड़े शहरों तक सीमित न रहकर गांवों और छोटे शहरों तक पहुंच रही हैं।
दीक्षांत समारोह में बांटी गईं डिग्रियां और स्वर्ण पदक
समारोह के दौरान मेधावी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कुल 16 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक, 4 शोधार्थियों को पीएचडी तथा 464 विद्यार्थियों को स्नातक और स्नातकोत्तर (UG & PG) की उपाधियां प्रदान की गईं।
युवाओं को राज्यपाल की खास सलाह:
नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि रोजगार सृजन करने वाले बनें: राज्यपाल ने कहा कि युवा केवल जॉब तक सीमित न रहें, बल्कि अपनी रचनात्मकता के बल पर रोजगार के नए अवसर पैदा करें।
डिजिटल लत से दूरी: उन्होंने आज की पीढ़ी को मोबाइल और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के दौर में तकनीक का सीमित और जरूरत के हिसाब से उपयोग करने तथा नशे व डिजिटल लत से दूर रहने की सलाह दी।
समाज के प्रति जिम्मेदारी: सफलता हासिल करने के बाद समाज को न भूलें, क्योंकि समाज ने हर व्यक्ति को बहुत कुछ दिया है।
छत्तीसगढ़ के विकास पर बात: राज्यपाल ने राज्य में नक्सल प्रभाव घटने के बाद बस्तर और अन्य क्षेत्रों में मिल रहे विकास के नए अवसरों का भी जिक्र किया।
कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. रामचंद्र जहांगीर, छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष वी.के. गोयल, हाईकोर्ट के पूर्व जज गौतम भादुड़ी सहित बड़ी संख्या में प्राध्यापक, पालक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।