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10 हजार कांवड़ियों ने किया बाबा हटकेश्वरनाथ का जलाभिषेक, 13 किमी तक गूंजा हर-हर महादेव

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रायपुर, 23 अगस्त 2026। राजधानी रायपुर में रविवार को विशाल कांवड़ यात्रा निकाली गई। रायपुर पश्चिम विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेश मूणत के नेतृत्व में आयोजित इस यात्रा में करीब 10 हजार कांवड़ियों ने हिस्सा लिया। करीब 13 किलोमीटर लंबी यात्रा लगभग छह घंटे में पूरी हुई। महादेव घाट पहुंचने के बाद शिवभक्तों ने बाबा हटकेश्वरनाथ महादेव का जलाभिषेक कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना की।

यात्रा के दौरान कांवड़ियों के जयघोष से पूरा मार्ग भक्तिमय नजर आया। एक समान परिधान में कांवड़ लेकर चल रहे श्रद्धालुओं के साथ डमरू और ढोल की गूंज तथा हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष ने माहौल को शिवमय बना दिया। यात्रा मार्ग पर बड़ी संख्या में नागरिकों और श्रद्धालुओं ने कांवड़ियों का स्वागत किया।

मुख्यमंत्री समेत कई जनप्रतिनिधियों ने उठाई कांवड़

कांवड़ यात्रा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, सुनील सोनी और रायपुर नगर निगम की महापौर मीनल चौबे सहित अनेक जनप्रतिनिधि शामिल हुए। मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, सांसद और अन्य जनप्रतिनिधियों ने स्वयं कांवड़ उठाकर शिवभक्तों के साथ यात्रा में हिस्सा लिया।

21 पंडितों ने कराया कांवड़ पूजन

यात्रा की शुरुआत मारुति मंगलम, गुढ़ियारी से हुई। इससे पहले भिलाई के कान्हा जी महाराज के सान्निध्य में 21 पंडितों की टीम ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कांवड़ पूजन कराया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ की पांच नदियों का पवित्र जल लाया गया था। पूजन और अभिषेक के बाद श्रद्धालुओं ने बाबा हटकेश्वरनाथ के जलाभिषेक के संकल्प के साथ यात्रा शुरू की।

500 सेवादारों ने संभाली व्यवस्था

इतने बड़े आयोजन की तैयारियां करीब 15 दिन पहले शुरू कर दी गई थीं। कांवड़ियों के लिए परिधान, पूजन, प्रसादी, यात्रा संचालन और स्वागत सहित विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए करीब 500 सेवादारों की टीमें सक्रिय रहीं। मारुति मंगलम और महादेव घाट में श्रद्धालुओं के लिए प्रसादी की व्यवस्था भी की गई।

40 स्थानों पर हुआ भव्य स्वागत

13 किलोमीटर के यात्रा मार्ग पर करीब 40 चौक-चौराहों पर सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने स्वागत द्वार और पंडाल लगाए। कई स्थानों पर कांवड़ियों के लिए प्रसादी और पेयजल की व्यवस्था की गई। जगह-जगह पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया। विभिन्न स्थानों पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और धार्मिक झांकियों ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

देशभर के कलाकारों ने प्रस्तुत की सांस्कृतिक झलक

कांवड़ यात्रा में उत्तर प्रदेश, दिल्ली, केरल, महाराष्ट्र, ओडिशा सहित विभिन्न राज्यों के कलाकारों ने प्रस्तुतियां दीं। महाकाल-अघोरी, महाकाली टीम, भरतनाट्यम, पारंपरिक बैंड, टाइगर डांस, नागपुर ढोल और विभिन्न धार्मिक प्रस्तुतियों ने यात्रा में उत्साह बढ़ाया।

छत्तीसगढ़ के कलाकारों ने भी लोक एवं धार्मिक प्रस्तुतियां दीं। यात्रा में शिव परिवार, राम-सीता, हनुमान, परशुराम, गणेश, सुग्रीव, महाकाल सहित कई धार्मिक झांकियां शामिल रहीं।

मुख्यमंत्री ने कहा- भक्ति, सेवा और समरसता का प्रतीक है कांवड़ यात्रा

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांवड़ यात्रा को आस्था, सेवा, अनुशासन और सामाजिक समरसता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि हजारों शिवभक्तों का एक समान भाव और संकल्प के साथ कांवड़ लेकर बाबा हटकेश्वरनाथ के दरबार तक पहुंचना श्रद्धा का अद्भुत उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी यात्राएं नई पीढ़ी को धार्मिक परंपराओं के साथ सेवा, अनुशासन और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का काम करती हैं। विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों की प्रस्तुतियों को उन्होंने एक भारत-श्रेष्ठ भारत की भावना का प्रतीक बताया।

डॉ. रमन सिंह ने बताया आस्था की अविरल धारा

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कांवड़ यात्रा को सनातन संस्कृति, सामूहिक श्रद्धा और सामाजिक समरसता का विराट स्वरूप बताया। उन्होंने कहा कि हजारों श्रद्धालुओं का कई किलोमीटर तक कांवड़ लेकर चलना आस्था, साधना और अनुशासन का उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि युवाओं, महिलाओं और परिवारों की बड़ी संख्या में सहभागिता से धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद मिलती है।

राजेश मूणत ने जताया आभार

आयोजन के नेतृत्वकर्ता राजेश मूणत ने कहा कि करीब 10 हजार कांवड़ियों का बाबा हटकेश्वरनाथ के दरबार तक पहुंचना उनके लिए भावुक और गौरवपूर्ण क्षण है। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सेवादारों, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों तथा राजधानीवासियों का आभार जताया।

उन्होंने कहा कि यात्रा में अलग-अलग राज्यों से आए कलाकारों और धार्मिक झांकियों के माध्यम से शिवभक्ति के साथ भारत की सांस्कृतिक विविधता को भी प्रदर्शित किया गया।

बाबा हटकेश्वरनाथ के जलाभिषेक के साथ संपन्न हुई यात्रा

करीब छह घंटे तक चली 13 किलोमीटर की यात्रा के बाद आस्था का कारवां महादेव घाट पहुंचा। यहां हजारों शिवभक्तों ने बाबा हटकेश्वरनाथ महादेव का जलाभिषेक किया। पूरे आयोजन के दौरान कांवड़ियों के जयघोष और धार्मिक प्रस्तुतियों से राजधानी का माहौल भक्तिमय बना रहा।

**10 हजार कांवड़िये, 13 किलोमीटर की यात्रा और हर कदम पर हर-हर महादेव का जयघोष—रायपुर की यह कांवड़ यात्रा आस्था, सेवा और सामाजिक एकता का भव्य उदाहरण बन गई।**

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