रायपुर। राजधानी में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए चलाए जा रहे प्रोजेक्ट पुनर्जीवन के तहत नगर निगम क्षेत्र के सभी 10 जोनों में अभियान तेज गति से जारी है। अभियान के अंतर्गत अब तक विभिन्न स्थानों पर पेड़ों और पौधों के चारों ओर लगाए गए करीब 2111 ट्री गार्ड तथा 446 स्थानों से कांक्रीट के घेरे और पेवर हटाए जा चुके हैं। इस पहल का उद्देश्य पौधों को प्राकृतिक रूप से विकसित होने के लिए पर्याप्त मिट्टी, पानी और खुला वातावरण उपलब्ध कराना है।
पौधों की पहचान कर हटाए जा रहे अवरोध
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश और जिला कलेक्टर गौरव कुमार सिंह के मार्गदर्शन में अभियान संचालित किया जा रहा है। नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा के निर्देश पर सभी 10 जोन कमिश्नरों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों के वार्डों में ऐसे पौधों को चिन्हित किया गया, जो ट्री गार्ड, कांक्रीट के घेरे और पेवर के कारण प्राकृतिक रूप से विकसित नहीं हो पा रहे थे।
चिन्हित स्थानों पर पहुंचकर इन अवरोधों को हटाने का काम किया जा रहा है, ताकि पौधों की जड़ों को पर्याप्त मिट्टी, पानी और हवा मिल सके और वे प्राकृतिक रूप से विकसित हो सकें।
अभियान की लगातार हो रही मॉनिटरिंग
नगर निगम के सभी 10 जोनों में यह अभियान लगातार जारी है। जोन कमिश्नरों द्वारा कार्य की निगरानी की जा रही है, जबकि नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा अभियान की प्रगति की नियमित समीक्षा कर रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण से जुड़े इस कार्य को निगम ने प्राथमिकता में रखा है।
नागरिकों से पौधों की देखभाल की अपील
जिला कलेक्टर गौरव कुमार सिंह ने रायपुर शहर के नागरिकों से अपील की है कि वे अपने आसपास लगे पौधों की नियमित देखभाल करें और उन्हें आवश्यकतानुसार पानी एवं खाद उपलब्ध कराकर विकसित करने में सहयोग दें। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय योगदान देने वाले नागरिकों को ‘पर्यावरण मित्र’ के रूप में सम्मानित किया जाएगा।
प्रोजेक्ट पुनर्जीवन के माध्यम से शहर में पौधों को प्राकृतिक रूप से विकसित होने के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के साथ नागरिकों की पर्यावरण संरक्षण में भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।