रायपुर। राजधानी के कलेक्टोरेट परिसर स्थित ऑक्सीजोन में एक आम के पेड़ को काटे जाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पेड़ को तिरंगे के केसरिया, सफेद और हरे रंग से सजाया गया था। इसके बाद पेड़ को काटे जाने से पर्यावरण और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, पेड़ की स्थिति खराब होने के बाद उसके उपचार की बात कही गई थी। इसके बावजूद पेड़ को बचाया नहीं जा सका और अंततः उसे काट दिया गया। इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि राजधानी के प्रमुख ऑक्सीजोन परिसर में पेड़ की कटाई किसकी अनुमति से हुई और इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों तक क्यों नहीं पहुंची।
बताया गया है कि पेड़ काटे जाने की जानकारी रायपुर की महापौर मीनल चौबे और नगर निगम आयुक्त को भी नहीं थी। मामला सामने आने के बाद अब पेड़ की कटाई को लेकर जिम्मेदारी और अनुमति से जुड़े सवाल उठ रहे हैं। पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि शहर में पुराने और बड़े पेड़ों के संरक्षण को प्राथमिकता दी जानी चाहिए तथा पेड़ काटने से पहले उसकी स्थिति और उपचार की संभावनाओं का उचित मूल्यांकन जरूरी है।