सुकमा, 14 अगस्त 2026 : बस्तर अंचल में सुरक्षा बलों और स्थानीय ग्रामीणों के बीच परस्पर विश्वास व सामाजिक समरसता मजबूत करने के उद्देश्य से सुकमा पुलिस द्वारा एक अनूठी पहल की शुरुआत की गई है। पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर के मार्गदर्शन में 'निवा दुवाड़ ते' (गोंडी बोली में अर्थ- 'आपके द्वार') अभियान प्रारंभ किया गया है। इस दूरदर्शी अभियान के तहत सुकमा पुलिस की टीम सीधे दूरस्थ व संवेदनशील ग्रामीण अंचलों में पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याओं का चिन्हांकन कर रही है और उनके निराकरण की दिशा में त्वरित कदम उठा रही है।
इस अभियान की एक बेहद मार्मिक और सकारात्मक तस्वीर ऐतिहासिक रूप से संवेदनशील गांव चिंतागुफा से सामने आई है, जो देश में सर्वाधिक जवानों की शहादत के लिए जाना जाता रहा है। आज उसी चिंतागुफा के ग्रामीणों के बीच सुकमा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और जवान बंदूकें छोड़ चौपाल लगाकर बैठे और ग्रामीणों की बुनियादी समस्याओं, प्रशासनिक जरूरतों व विकास कार्यों पर आत्मीय चर्चा की।
एसपी मयंक गुर्जर ने बताया कि 'निवा दुवाड़ ते' अभियान का मूल उद्देश्य पुलिस और जनमानस के बीच की दूरी को समाप्त करना है। गांव-गांव जाकर पुलिस टीम स्थानीय स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पेयजल और शासकीय योजनाओं के लाभ से जुड़ी समस्याओं की पहचान कर रही है। इन समस्याओं की सूची तैयार कर संबंधित प्रशासनिक विभागों के साथ समन्वय बनाकर उनका प्राथमिकता से समाधान कराया जा रहा है। सुकमा पुलिस की इस मानवीय व जनहितैषी पहल की बस्तर संभाग में व्यापक सराहना हो रही है।