रायपुर। छत्तीसगढ़ में हॉकी प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर का मंच देने की दिशा में बड़ी पहल की जा रही है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा हॉकी इंडिया से मान्यता प्राप्त छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के पहले सीजन का आयोजन किया जाएगा। राजधानी रायपुर स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में प्रस्तावित यह प्रतियोगिता देश की पहली राज्य स्तरीय हॉकी लीग होगी, जिसे हॉकी इंडिया लीग की तर्ज पर प्रोफेशनल और व्यावसायिक स्वरूप में आयोजित किया जाएगा। लीग के मुकाबले संभावित रूप से 21 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक खेले जाएंगे।
उप मुख्यमंत्री ने किया लोगो, टैगलाइन और शुभंकर का अनावरण
उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने नवीन विश्राम भवन में छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के लोगो, टैगलाइन और शुभंकर का अनावरण किया। उन्होंने कहा कि लीग का उद्देश्य प्रदेश की युवा हॉकी प्रतिभाओं को बड़ा मंच उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें देश के श्रेष्ठ खिलाड़ियों के साथ खेलने और उनसे सीखने का अवसर मिल सके।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में हॉकी की समृद्ध परंपरा रही है और यहां बड़ी संख्या में प्रतिभाशाली खिलाड़ी मौजूद हैं। लीग के माध्यम से इन खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर के अनुभव के साथ प्रतिस्पर्धी वातावरण मिलेगा।
छह टीमें लेंगी हिस्सा
छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के पहले सीजन में प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाली छह टीमें मैदान में उतरेंगी। इनमें राजधानी रॉयल्स, चित्रकूट चैलेंजर्स, संस्कारधानी स्ट्राइकर्स, चक्रधर चैंपियंस, न्यायधानी नाइट्स और मैनपाट टाइटन्स शामिल हैं।
इन टीमों के जरिए प्रदेश की विभिन्न क्षेत्रीय पहचान और हॉकी प्रतिभाओं को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जाएगा।
‘चलव रे संगी, हॉकी खेलबो’ होगी लीग की टैगलाइन
लीग का लोगो छत्तीसगढ़ के मानचित्र पर आधारित है। इसमें केसरिया और हरे रंग के जरिए भारतीयता की भावना को प्रदर्शित किया गया है। वहीं आगे बढ़ती नारंगी रेखा प्रदेशवासियों की प्रगति और निरंतर आगे बढ़ने की भावना का प्रतीक है।
लीग की टैगलाइन “चलव रे संगी, हॉकी खेलबो” रखी गई है। छत्तीसगढ़ी भाषा की यह टैगलाइन अपनत्व और आमंत्रण का संदेश देती है, जिसका भाव है—चलो दोस्त, हॉकी खेलते हैं।
‘बघवा’ होगा लीग का शुभंकर
छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का आधिकारिक शुभंकर ‘बघवा’ नामक बाघ है। बाघ को प्रदेश के घने जंगलों और समृद्ध वन्यजीव विरासत का प्रतीक माना गया है। शुभंकर साहस, शक्ति और निडरता का संदेश देता है।
‘बघवा’ खिलाड़ियों की जुझारू भावना और मैदान पर बेहतर प्रदर्शन कर अपनी पहचान बनाने की आकांक्षा को भी प्रदर्शित करेगा।
लीग मुकाबलों के बाद सेमीफाइनल और फाइनल
प्रतियोगिता में सभी छह टीमें लीग चरण में मुकाबले खेलेंगी। अंक तालिका के आधार पर शीर्ष चार टीमें सेमीफाइनल में जगह बनाएंगी। सेमीफाइनल मुकाबलों के बाद विजेता टीम का फैसला फाइनल मैच में होगा।
प्रतियोगिता के दौरान सभी अंपायर और तकनीकी अधिकारियों की नियुक्ति हॉकी इंडिया द्वारा की जाएगी। इससे मैचों में तकनीकी गुणवत्ता और निष्पक्षता बनाए रखने पर जोर रहेगा।
दर्शकों के लिए प्रवेश रहेगा निशुल्क
छत्तीसगढ़ हॉकी लीग को केवल खेल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रखा जाएगा। टूर्नामेंट के दौरान प्रतिदिन विशेष मनोरंजन कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इससे दर्शकों को हॉकी के रोमांच के साथ मनोरंजन का अनुभव भी मिलेगा।
खास बात यह है कि लीग के सभी मुकाबलों में दर्शकों के लिए प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क रहेगा। इससे बड़ी संख्या में खेलप्रेमियों और युवाओं के स्टेडियम पहुंचने की उम्मीद है।
प्रदेश के खिलाड़ियों को मिलेगा बड़ा मंच
छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के आयोजन से प्रदेश के उभरते खिलाड़ियों को अनुभवी और श्रेष्ठ खिलाड़ियों के साथ खेलने का अवसर मिलेगा। इससे उन्हें उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा का अनुभव प्राप्त करने के साथ अपने खेल कौशल को बेहतर बनाने का मौका मिलेगा।
राज्य सरकार की इस पहल से छत्तीसगढ़ में हॉकी के प्रति युवाओं की रुचि बढ़ने और प्रदेश के खिलाड़ियों को भविष्य में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने के लिए बेहतर मंच मिलने की उम्मीद है।