दुर्ग। सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर दो लोगों से कथित तौर पर पांच लाख रुपये लेने के करीब आठ साल पुराने मामले में पुरानी भिलाई पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि आरोपी ने संभाग आयुक्त कार्यालय, दुर्ग में चपरासी के पद पर नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाकर रकम ली थी, लेकिन न नौकरी मिली और न ही पैसे वापस किए गए।
2018 में दिया था नौकरी का झांसा
मामला वर्ष 2018 का बताया जा रहा है। डाक बंगला पुरैना निवासी डी. सत्य साईं ने इस संबंध में पुरानी भिलाई थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस के मुताबिक आरोपी शमीम खान ने संभाग आयुक्त कार्यालय में चपरासी के पद पर नौकरी दिलाने का दावा किया था।
आरोपी की बातों पर भरोसा कर शिकायतकर्ता और उसके परिचित सीएच बैकुंठ राव ने कथित तौर पर कुल 5 लाख रुपये दिए। इसके बाद नौकरी नहीं लगी और रकम भी वापस नहीं की गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
बैंक स्टेटमेंट और लेन-देन के दस्तावेज जुटाए
जांच के दौरान पुलिस ने यूनियन बैंक का बैंक स्टेटमेंट, रुपये के लेन-देन से संबंधित वीडियो और लोन से जुड़े दस्तावेज जब्त किए। पुलिस के अनुसार जांच में सामने आए साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की भूमिका सामने आई, जिसके बाद उसकी तलाश शुरू की गई।
पुलिस टीम ने आरोपी शमीम खान को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। कोर्ट से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपी ने रकम लेने की बात स्वीकार की है।
नौकरी के नाम पर पैसे देने से बचें
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सरकारी नौकरी दिलाने का दावा करने वाले किसी व्यक्ति को पैसे देने से पहले संबंधित विभाग और आधिकारिक भर्ती प्रक्रिया की पूरी जानकारी जरूर जांच लें। नौकरी के बदले रकम मांगने वाले व्यक्ति की जानकारी तत्काल पुलिस को देने की अपील की गई है।