रायपुर। रक्षाबंधन से पहले राजधानी रायपुर में भाई-बहन के स्नेह और शहादत के सम्मान से जुड़ा भावुक क्षण देखने को मिला। बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम में नक्सली मुठभेड़ में वीरगति को प्राप्त उप निरीक्षक युगल किशोर वर्मा की पत्नी माधुरी वर्मा ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की कलाई पर राखी बांधी। राखी बंधवाने के बाद मुख्यमंत्री भावुक हो गए और उन्होंने माधुरी वर्मा को अपनी बहन के रूप में स्वीकार करते हुए उनके परिवार के साथ हमेशा खड़े रहने का भरोसा दिलाया।
“मेरी कोई सगी बहन नहीं है, आज बहन से बढ़कर बहन मिली”
राखी बंधवाने के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भावुक स्वर में कहा, “मेरी कोई सगी बहन नहीं है। हम लोग भाई ही भाई हैं। आज माधुरी जी ने मेरी कलाई पर राखी बांधी है। मुझे सगी बहन से भी बढ़कर बहन मिली है।”
मुख्यमंत्री के इन शब्दों के बाद कार्यक्रम का माहौल भावुक हो गया। माधुरी वर्मा ने अपने जीवनसाथी को प्रदेश और देश की सुरक्षा के लिए खोया है, वहीं मुख्यमंत्री ने उनकी राखी को केवल रक्षा सूत्र नहीं, बल्कि आत्मीय भाई-बहन के रिश्ते के रूप में स्वीकार किया।
शहीद परिवार को दिया अपनेपन का भरोसा
मुख्यमंत्री ने माधुरी वर्मा को भरोसा दिलाया कि शहीद युगल किशोर वर्मा का परिवार अकेला नहीं है। उन्होंने कहा कि शहीदों के परिवारों के सुख-दुःख, सम्मान और भविष्य की चिंता करना सरकार की जिम्मेदारी के साथ समाज का भी कर्तव्य है।
उन्होंने कहा कि आज माधुरी ने राखी बांधी है, इसलिए एक भाई के रूप में उनके परिवार के प्रति जिम्मेदारी और भी गहरी हो गई है। मुख्यमंत्री ने शहीद परिवार के प्रति आत्मीयता व्यक्त करते हुए हर परिस्थिति में साथ खड़े रहने का संदेश दिया।
शहादत को किया नमन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उप निरीक्षक युगल किशोर वर्मा के सर्वोच्च बलिदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ अपने वीर जवानों और उनके परिवारों का सदैव ऋणी रहेगा।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के जवानों ने अपना वर्तमान इसलिए कुर्बान किया, ताकि छत्तीसगढ़ की आने वाली पीढ़ियां सुरक्षित भविष्य के साथ आगे बढ़ सकें। उनके बलिदान को याद रखना और उनके परिवारों का सम्मान करना पूरे समाज की जिम्मेदारी है।
‘स्नेह की डोर’ बनी शहादत और सम्मान का प्रतीक
रायपुर में आयोजित ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम ने रक्षाबंधन के पर्व को एक विशेष भावनात्मक संदेश से जोड़ दिया। एक ओर राखी के माध्यम से भाई-बहन के स्नेह का रिश्ता मजबूत हुआ, वहीं दूसरी ओर शहीद परिवार के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी का भाव सामने आया।
माधुरी वर्मा द्वारा मुख्यमंत्री की कलाई पर बांधी गई राखी को शहीद परिवार और सरकार के बीच विश्वास, सम्मान और आत्मीयता की डोर के रूप में देखा गया। यह क्षण कार्यक्रम में मौजूद लोगों के लिए भी भावुक और यादगार बन गया।