अंबिकापुर न्यूज़: सरगुजा जिले के अंबिकापुर स्थित शांतिनगर से समाज और रिश्तों को झकझोर देने वाली एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। दशकों पूर्व प्रेम विवाह (अंतरजातीय विवाह) करने की सजा एक 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला को मौत के बाद भी भुगतनी पड़ी। वृद्धा के निधन के बाद न तो कोई रिश्तेदार सामने आया और न ही परिवार के सदस्यों ने अंतिम संस्कार के लिए कंधा दिया।
जानिए क्या है पूरा मामला:
दशकों पुराना प्रेम विवाह: शांतिनगर निवासी 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने अपनी युवावस्था में समाज की परवाह किए बिना अंतरजातीय प्रेम विवाह किया था। इस फैसले के बाद से ही परिजनों और समाज ने उनसे दूरी बना ली थी।
अंतिम समय में कोई नहीं आया पास: जब वृद्धा का निधन हुआ, तो उनके अंतिम दर्शन या दाह-संस्कार के लिए कोई भी अपना या रिश्तेदार आगे नहीं आया। जीते जी अकेलापन झेलने के बाद मृत्यु के पश्चात भी उन्हें अपनों का कंधा नसीब नहीं हुआ।
सामाजिक संस्थाओं ने दिखाई इंसानियत: घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय समाजसेवियों और सामाजिक संस्थाओं के लोग आगे आए। उन्होंने पूरी रीति-रिवाज और सम्मान के साथ बुजुर्ग महिला का अंतिम संस्कार संपन्न कराया।
इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर समाज में व्याप्त कुरीतियों और पुरानी मानसिकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।