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Health News : विश्व स्तनपान सप्ताह की शुरुआत, 6 माह तक केवल मां का दूध पिलाने पर दिया जा रहा विशेष जोर

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रायपुर, 4 अगस्त। हर नवजात शिशु को जीवन की स्वस्थ और सुरक्षित शुरुआत देने के उद्देश्य से पूरे छत्तीसगढ़ में 'विश्व स्तनपान सप्ताह' की शुरुआत हो गई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रदेश के सभी प्रमुख अस्पतालों, सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों और समुदाय स्तर पर विविध जागरूकता अभियानों का आयोजन किया जा रहा है। इस विशेष सप्ताह का मुख्य लक्ष्य धात्री व गर्भवती माताओं और उनके परिजनों को स्तनपान के महत्व तथा वैज्ञानिक फायदों से अवगत कराना है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, शिशु के जन्म के पहले घंटे के भीतर स्तनपान शुरू कराना और शुरुआती छह माह तक केवल मां का दूध पिलाना उसके शारीरिक व मानसिक विकास की सबसे मजबूत नींव है। मां का पहला गाढ़ा पीला दूध यानी कोलोस्ट्रम (Colostrum) शिशु के लिए प्राकृतिक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है, जो उसे संक्रमण से बचाने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और कुपोषण से दूर रखने में बेहद कारगर है। विशेषज्ञों ने छह माह के बाद ऊपरी आहार के साथ दो साल तक स्तनपान जारी रखने की सलाह दी है।

विश्व स्तनपान सप्ताह के दौरान प्रदेशभर के स्वास्थ्य केंद्रों में माताओं के लिए काउंसलिंग, ग्रुप डिस्कशन, स्वास्थ्य शिक्षा सत्र और व्यावहारिक मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। चिकित्सक, स्टाफ नर्स, एएनएम, मितानिन और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता माताओं को सही स्तनपान तकनीक सिखाने के साथ स्तनपान से जुड़े भ्रामक तथ्यों को भी दूर कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि परिवार के सहयोग और जनभागीदारी से ही कुपोषण मुक्त और स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में सकारात्मक कदम उठाया जा सकता है।

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