भानुप्रतापपुर। कभी नक्सली गतिविधियों से जुड़े रहे लोगों के जीवन में बदलाव की तस्वीर कांकेर जिले में देखने को मिल रही है। नक्सल प्रभावित और पुनर्वासित परिवारों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से भानुप्रतापपुर के चौगेल पुनर्वास केंद्र में नई पहल शुरू की गई है। यहां बिहान योजना के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों और पुनर्वासित परिवारों को राखी निर्माण का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
रक्षाबंधन पर्व को देखते हुए पुनर्वास केंद्र में इन दिनों रंग-बिरंगी राखियां तैयार की जा रही हैं। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद आत्मसमर्पित नक्सली और पुनर्वासित परिवार राखी निर्माण के काम से जुड़कर अपनी आजीविका के लिए नया रास्ता तलाश रहे हैं। अब तक यहां 700 से अधिक राखियां तैयार की जा चुकी हैं।
इस पहल का उद्देश्य आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल प्रभावित परिवारों को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। राखी निर्माण के जरिए उन्हें हुनर सीखने के साथ आर्थिक गतिविधियों से जुड़ने का अवसर भी मिल रहा है। यह पहल हिंसा से दूर होकर सामान्य जीवन की ओर लौटने और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक सकारात्मक कदम के रूप में देखी जा रही है।