नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। बाढ़ से बड़े पैमाने पर जनहानि और तबाही की खबरों के बीच सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक अलग-अलग जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार करीब 933 लोग विभिन्न हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंगों में फंसे हुए हैं।
इन सुरंगों में चल रहा बचाव अभियान
रेस्क्यू टीमें अपर त्रिशूली-1, त्रिशूली-3ए और त्रिशूली-3बी परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। इनमें कुछ सुरंगें आपस में जुड़ी हुई हैं, जिससे बचाव अभियान और जटिल हो गया है। खराब मौसम और सुरंगों में पानी व मलबा भरने के कारण राहतकर्मियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। हालिया रिपोर्टों में भी अपर त्रिशूली-3ए की सुरंग में फंसे लोगों के लिए प्रतिकूल मौसम के बावजूद रातभर खोज एवं बचाव अभियान जारी रहने की जानकारी सामने आई है।
कैसे निकाले जा रहे हैं लोगों को?
बचाव दल सबसे पहले सुरंगों के अंदर सुरक्षित रास्तों और फंसे लोगों की संभावित स्थिति का पता लगाने में जुटे हैं। इसके बाद पानी और मलबे को हटाकर सुरंग के उन हिस्सों तक पहुंच बनाने का प्रयास किया जा रहा है, जहां लोग फंसे हैं। चूंकि ये सुरंगें बिजली परियोजनाओं का हिस्सा हैं और कुछ स्थानों पर आपस में जुड़ी हैं, इसलिए रेस्क्यू टीमों को अंदरूनी संरचना और उपलब्ध रास्तों के आधार पर अभियान चलाना पड़ रहा है।
मुख्य चुनौती यह है कि लगातार खराब मौसम के कारण नए भूस्खलन, पानी भरने और मलबा आने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में बचावकर्मियों को एक तरफ सुरंग में फंसे लोगों तक जल्द पहुंचना है और दूसरी तरफ रेस्क्यू टीम की सुरक्षा भी सुनिश्चित करनी है।