दुर्ग, 14 अगस्त 2026 : राज्य महिला आयोग की नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने महिलाओं के खिलाफ बढ़ते साइबर अपराधों को लेकर एक बड़ा और महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने साइबर क्राइम की पीड़ित महिलाओं को सलाह दी है कि ऐसे मामलों में वे थानों के चक्कर लगाने के बजाय सीधे रेंज के आईजी (पुलिस महानिरीक्षक) या राज्य महिला आयोग में अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
दुर्ग प्रवास के दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए डॉ. ममता साहू ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि तकनीकी और जटिल साइबर अपराधों के बारे में अक्सर थाना प्रभारियों (टीआई) को यह जानकारी ही नहीं होती कि प्राथमिक स्तर पर क्या तकनीकी कदम उठाने हैं। ज्ञान और त्वरित एक्शन के अभाव में मामला लटक जाता है, जिससे पीड़ित महिला को न्याय मिलने में देरी होती है और साक्ष्य नष्ट होने का खतरा बना रहता है।
महिला आयोग की अध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि साइबर फ्रॉड, ब्लैकमेलिंग, फेक प्रोफाइल और सोशल मीडिया हैरेसमेंट जैसे गंभीर मामलों में उच्च अधिकारियों का हस्तक्षेप बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि महिलाएं बिना किसी झिझक के सीधे आईजी ऑफिस या राज्य महिला आयोग का दरवाजा खटखटाएं, जहां से मामलों का त्वरित निस्तारण कराया जाएगा। डॉ. साहू के इस बयान के बाद पुलिस प्रशासन के मैदानी स्तर पर साइबर अपराधों से निपटने की तैयारियों और प्रशिक्षण को लेकर नई चर्चा छिड़ गई है।